नीशब्द सी होजाती हे बेटियां..
जब वो बिदा होती है....
आँखों में आँसू छुपाए,
कपकपाती आवाज के साथ,
सबको अलविदा कहती है...
ना चाहते हुए भी जाना पड़े,
पर किसी से कुछ नहीं कहती है,
उसके रोने पे कोई रोना दे,
इसलिय वो मन ही मन रोति हे...
निःशब्द सी होजाती है बेटियां..
जब वो बिदा होती है...
Monday, 20 May 2019
बिदाई
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आसान बनाओ
क्यू हे जिंदगी में इतनी मुश्किलें, क्या ये आसान नही हो सकती... सीधा सीधा सा जीना हे जीवन, फिर क्यू जिंदगी आसान नही लगती
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अजनबियों को क्यों हम अपना बनाते, वहीं हमे हमेशा रुलाते... ना जाने क्यों हम समझ नहीं पाते, और अपनों को धोखा देजाते... क्यों हम हर बार उम...